Sare Jaha Se Achha Hindosta Hamara

सारे जहां से अच्छा, हिन्दोस्तां हमारा -2

हम बुलबुलें हैं इसकी, यह गुलिस्तां हमारा

सारे जहां से अच्छा, हिन्दोस्तां हमारा -2
परबत वो सबसे ऊँचा, हमसाया आसमां का
 वो संतरी हमारा, वो पासबां हमारा
गोदी में खेलती हैं, जिसकी हज़ारों नदियाँ 
गुलशन है जिसके दम से, रश्क-ए-जिनां हमारा
मज़हब नहीं सिखाता, आपस में बैर रखना
 हिन्दी हैं हम, वतन है हिन्दोस्तां हमारा
सारे  जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तों हमारा
 हम बुलबुलें हैं इस की ये गुलसिता हमारा
गुर्बत में हों अगर हम रहता है दिल वतन में
 समझो वहीं हमें भी दिल हो जहाँ हमारा
ऐ आब-रूद-ए-गंगा वो दिन है याद तुझ को 
उतरा तिरे किनारे जब कारवाँ हमारा
यूनान ओ मिस्र ओ रूमा सब मिट गए जहाँ से
 अब तक मगर है बाक़ी नाम-ओ-निशा हमारा
कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी 
सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा

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