(लय-कांछी रे कांछी र प्रीत मेरी साची)
भैया रे भैया एसी भाभी लाना जो सबके दिलो कोजोड़ दे
बना रे बना रे ऐसी बन्नी लाना जो सबके दिलों को जोड़ दें हों हो—-
पापा, चाचा को प्रणाम करे और मम्मी चाची का सम्मान करे
हिल मिल के रहे सदा प्यार पाये मीठी-मीठी बोल के
भैया रे भैया ऐसी भाभी लाना जो सबके दिलो कोजोड़ दे
जो बहिनो को बहिनो से जोड़दे
ऐसे ही सबके नाम लेने है
Bana Bani
(लय-तुम्हारा कुछ न बिगड़ेगा)
शहर में शोरभारी है ना जाने किसकी शादी है 2
बनी के बाबा से पूछा शहर में किसकी शादी हूँ
उन्होने हंस के फर्माया मेरो लाड़ों की शादी है
बनी के भैया से पूछा शहर में किसकी शादीहै
उन्होंने हंस के फरमाया मेरी बहना की शादी है
( इसी तरह सभी रिश्तो के नाम लैना)