Suna Hai Aangane Aur Suna Ye Man

(लय – तुझ में दिल बसता है यारा मै क्या करूं)

विदाई गीत
सूना है आंगन और सूना ये मन 
 गुरुवर ना जाओ  यही कहती है धड़कन 
तुम छोड़ के जाओगे हम सबको रुलाओगे
 यादों के  मीठे पल हरदम याद आयेगे 
प्यारी गुरुवाणी है बड़ी ही सुहानी है 
 आज है विदाई गुरूवर आंसू की निशानी है
 सूना है आंगन और और सूना है मन
 गुरु बर के बिन कोई भी ज्ञान  कंहा पाये
 ज्ञान का अमृत देने तुम खुद ही चले आये
प्रेम का धागा ऐसा बांधा अब क्तोड़ा ना जाये 
चौमासा हुआ पावन धर्म लाभ हैं हमें 
श्रद्धा और आस्था का तीर्थ मानते है हम तुम्हे 

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