(लय- जिसके ह्रदय में हरि स्वयं बंद है)
विनायक जी ने ये दिन बनाया मेरी लाडो को दुल्हन बनाया
बाबा फूले ना समाए, दादी खुशियां मनाए
सखियों ने मंगल गाया मेरी लाडो को दुल्हन बनाया
पापा मोहरे लुटाए, मम्मी लेती हैं बलाएं सखियों ने मंगल गाया, , मेरी लाडो को दुल्हन बनाया
जीजा मन मुस्कायें, जीजी मेहंदी लगाएं सखियों ने मंगल गाया, मेरी लाडो को दुल्हन बनाया
भैया लाड़ लडाये ,भाभी नेग कराये सखियों ने मंगल गाया, मेरी लाडो को दुल्हन बनाया
मामा भात चढ़ाएं, मामी खुशियां मनाए सखियों ने मंगल गाया, मेरी लाडो को दुल्हन बनाया