बन्ना बन्नी गीत
(तर्ज : दीदी तेरा देवर दीवाना)
बन्ना तेरा मुखड़ा सुहाना, हाय राम नजरिया ना लगाना बन्ना तेरा मुखड़ा सुहाना, हाय राम नजरिया ना लगाना
बन्ने का सेहरा बम्बई से आया,
हीरा जड़ी कलगी से उसको सजाया
धीरे से संभाल के लगाना, हाय राम नजरिया ना लगाना
बन्ना तेरा मुखड़ा सुहाना, हाय राम नजरिया ना लगाना
बन्ने का जामा है जयपुर से आया,
गोटा किनारी से उसको सजाया धीरे से संभाल के पहनाना, हाय राम नजरिया ना लगाना
बन्ना तेरा मुखड़ा सुहाना, हाय राम नजरिया ना लगाना
बन्ने की माला है दिल्ली से आई,
हीरे और मोती से उसको सजाया धीरे से संभाल के पहनाना, हाय राम नजरिया ना लगाना
बन्ने का जूता है आगरा से आया,
सोने और चांदी से उसको सजाया धीरे से संभाल के पहनाना, हाय राम नजरिया ना लगाना
बन्ना तेरा मुखड़ा सुहाना, हाय राम नजरिया ना लगाना