Sagiji Nakhare Wali (Saga Sagi), & Shubhkana Geet

सगा – सगी

(लय- रमैया वस्तावैया )
सगीजी नखरेवाली सगोजी भोले भाले
जोडी पे वारि जाए-2
सगी shopping पे चली ,बिलकुल थी अकेली -2
एक छलिया पड़ा सगी के पीछे जी
दिल की धड़कन बढ़ी
सांसे भी थी रूकी ,छलिया ने सीटी मारी
सगीजी संग में होली – 2
मिली जब ये खबर ,सगोजी गए डर
पहुँचे चे वो Bangalore तुरंत flight पकड़ 
सगाजी ने हाथ जोडे ,नखरे उठाऊ तेरे
तु मेरे संग आजा तु रानी में हूं राजा-2
जाऊं मैं तेरे साथ मेरी शर्तें हैं चार
 लूंगी नौलखा हार एक बड़ी सी कार
 रोज मेरे पांव दबाओ चाय तुम ही पिलाओं -2 
न पाऊँ तो सैय्या ,पडो चाहे तुम पैया-2
सगाजी ने शर्त मानी नैनो में था पानी 2 
गये दोनो फिर से साथ, खाने भेल पूरी चार-2 
सगीजी इतराए सगोजी घबराए
सगी ने हाथ दबाया का सोरी का बाम लगाया -2 
सगाजी हुए राजी, हमारेभोले साजी -4 
(लय- माई न माई( शुभकामना गीत))
कोमल के संग दीपक जी की जोड़ी लगती, प्यारी 
एक दूजे से मिल जाने से खिल रही जीवनक्यारी
 खुशियों का दिन है आज सुहाना
हरदम साथ निभाते रहना जैसे दीया और बाती
जीवन के इस मोड पे तुमको मिला है जीवन साथी
 चांद व तारो से भी चमके हो यह जोड़ी सुहानी 
पापाजी की तुम हो लाडली मम्मी की हो धड़कन 
बेटी के संग देख कुंवरसा हर्षित इनका कण-2 
मात पिता और सास ससुर के बाग की तुम फूलवारी
शादी के शुभ अवसरपर हम देते तुम‌को बधाई 
दीपक जी के आ जाने से बज रही है शहनाई 
सिंघी का परिवार है हर्षित खुशियां बेसुमारी

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