*बन्ना बन्नी-गीत*
दरवाजे पे बन्नी बन्ना से झगड़ी
तू क्यों नहीं लाया जी सोने की तगड़ी ।।
*जरा धीरे-धीरे बोल बाराती सुन लेंगे
जरा होले होले बोल मेरे साथी सुन लेंगे
फेरों में दे दूंगा सोने की तगड़ी ।।
*अरे धीरे-धीरे बोल पंडित जी सुन लेंगे
अरे होले होले बोल पड़ोसी सुन लेंगे
सेजों में दे दूंगा सोने की तगड़ी ।।
*अरे धीरे-धीरे बोल मेरी मैया सुन लेंगी
अरे होले होले बोल मेरे बाबा सुन लेंगे
दो साल में ला दूंगा सोने की तगड़ी ।।
*अरे धीरे-धीरे बोल कहीं मुन्ना सुन लेगा
अरे होले होले होल बोल कहीं मुन्नी सुन लेगी
अरे अब तो भूल जा ना दूंगा सोने की तगड़ी