(तर्ज – दिल लूटने वाले जादूगर अब मैने तुझे पहचान लिया)
बेटी
जिस दिन से पड़े शुभ कदम तेरे खुशिया घर भर में छाई है।
पापा की जान बसी तुझमें मम्मी की तू परछाई है।-2
उस दिन से खिला परिवार मेरा जिस दिन से घर में आई है।
किस्मत के धनी हम लोग है जो एक चाँद सी बिटिया चाई है।
भगवान से मन्नत मांगी थी तब जाकर के तू आई है
तुझे जितना प्यारा सोचा था कंही बढ़कर हमने पाई है
उस दिन से खिला परिवार मेरा जिस दिन से घर में आई है।