Sawan Ka Mahina Aaya

(लय- सावन का महीना)

सावन का महीना आया तपस्या चारो ओर
आज देख तपस्वी जोड़ी को हम है भावविभोर
① तपस्या की भावना तो कभी-2 आती
नई नई चीजे खाने जीभ ललचाती
खाने पर भी लगती थे काया कमजोर ॥
② तपस्या की महिमा भारी कहते है सारे
रोग शोक मिटते पल में तप के सहारे ॥
तप सरिता में न्हाओ कर मन को जरा कठोर
③ तेरापंथ संघ तप की खान निराली,
रहती है हर पल भिक्षु गण में दिवाली
बरसी है हमारे घर तप की घटा घनघोर

करते हैं हम मिलकर के अनुमोदन करजोड़

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