है ये पावन भूमि
(तर्ज: ऐ मेरे दिले नादान)
है ये पावन भूमि, यहाँ बार-बार आना।
प्रभु पार्श्व के चरणों में, आकर के झुक जाना ।।
भटके हुए राही को, तुम राह दिखाते हो।
जो तेरी शरण आये, उसे पार लगाते हो ।।
आये हैं तेरी शरणे, खाली ना लौटना ।।। है ये …
संकट में तुम्हें जिनवर जिसने भी पुकारा है।
दिया सबको सहारा है, हर काम सँवारां है।।
हम पर भी दया करके, सब बिगड़ी बना देना।2।
है ये…
ओ! नागेश्वर वाले, तेरा जग में नाम भारी।
तेरे दरपे चले आते, यहाँ लाखों नर-नारी।।
“इस भक्त’ को भी, प्रभु पार लगा देना ।3। है ये ….
सुनिए पार्श्वनाथ भगवान
सुनिए पार्श्वनाथ भगवान, सुधारो मेरे बिगड़े काज जिस पर प्रभुजी मेहर करो तुम, सब संकट मिट जायें -2
आगे आये दास तुम्हारे, कृपा करो जिनराज-2, सुनिए पार्श्वनाथ..
भावभक्ति से भक्त पुकारे, द्वार पे करत गुहार
नैना खोलो मुख से बोलो, प्रभुजी तुम मेरे सरताज,
सुनिए पार्श्वनाथ.. काम क्रोध अहंकार सतावे,
नित नित करत उदास त्रिलोकी के नाथ निरंजन,
प्रभुजी रख लो मेरी लाज,. सुनिए पार्श्वनाथ
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पार्श्वनाथ स्तवन
पारस नाम पारस नाम
पारस नाम पारस नाम, मेरे प्रभु का पारस नाम।
है सुखधाम प्रभु का नाम, मेरे प्रभु का पारस नाम ।।। ।।
भक्त जनों के मन अभिराम, मेरे प्रभु का पारस नाम ।।2।।
वामा नन्दन कर्म निकन्दन, जन्म निरंजन भव भय भंजन।
है सुखकारी पर उपकारी, जग हितकारी महिमा भारी। निशिदिन जपते तेरा नाम, मेरे प्रभु का पारस नाम ।।3।। कर्म खपाये नाग बचाये, इन्द्रलोक में उन्हें पठाये। प्रभु ने पाया केवल ज्ञान, मेरे प्रभु का पारस नाम ।।4।।
हर इक दिल में आप बिराजे, हर्ष बधाई घर घर बाजे। जपें सभी मिल तेरा नाम, मेरे प्रभु का पारस नाम । ।5।। हम सब आये शरण तुम्हारी, विनती सुन लो नाथ हमारी। बसा है दिल में तेरा ध्यान, मेरे प्रभु का पारस नाम । ।6।।