यह सरस गीत संग्रह का एक भजन है — पारंपरिक भक्ति की धरोहर। A devotional song from the Saras Geet collection.
तर्ज (Tune): वीरा रमक झमक होय आइजो
भजन के बोल / Lyrics
प्रभु मन मन्दिर में आओ म्हारो जीवन सफल बनाओ ओ प्रभु मन मन्दिर में आओ
1.अज्ञान नींद म सोयो आत्मा रो वैभव खोयो ओ
थे ज्ञान प्रदीप जलाओ
-2 .भव भव मे भमता आयो, नर तन उत्तम पायो
म्हारी नावा पार लगावो ओ
मुझ न ओ शरणो थारो प्रभु करुणा निजर निहारो
म्हार दिल रो कोड पुराओ ओ
क्षण-क्षण में तुझ ने ध्याऊं, थारी कीरत नित उठ गाऊं
म्हार अन्तर मे रम ज्याओ जी थे
तीन भुवन रा स्वामी घट घट रा अन्तर्यामी
निज मूरत विजय दिखाओ
थे वामा मां रा प्यारा अश्वसेन कुल उजियारा
म्हारो जीवन सफल बनाओ ओ