तपस्या
एक छोटो से तपसी बिर तनम खुशी, बिर मन में खुशी
ओ बात काई रे बताऊं थान आज मै
बिरा दादोसा पूछे बिरा दादीसा पूछे तपसी काई रे खावण री थार मन में
म्हतो पिज्जा कोनी खाऊ, म्ह तो बर्गर कोनी खाऊ
अबक तपस्या करण री मन मे
बिरा पापाजी पूछे- 2 बिरा मम्मी जी पूछे थारी काईरे पिवणरी मन में
महतो दूध कोनी पिऊ, मतो जूस कोनी पिऊ
अबक् कर्मकाटण रीमन मे
बिरा (आरा) अंकल जी पूछे, बिरा आंटी जी पूछे थारी कठे र घूमण री मन मे
शापिंग सेंटर कोनी जाऊ, मतों माल कोनी जाऊ, अबक गुरु दर्शन री मनमे
बिरा भाइजी पूछे बिरा भाभीजीपूछे थारी कठरे जावण री मनमें
म्हतो Bombay कोनी जाऊं, म्हे तो दिल्ली कोनी जाऊ (गुरु स्थान )जावण री महार मन में
बिरा जीजाजी पूछे, बिरा भुवासा पूछे थारी काई र करण रीमनमें
म्हतो बास कोनी करू म्हतो बेलो कोनी करू अबक अठाई करन री मनमें
(* छोटी सी तपसन बिरहाथ में आसन सजधज के चली महाराज के)
युद्ध भूमि योद्धा तपे, सूर्य तपे आकाश,
तपसी भीतर से तपे करें कर्म का नाश