तर्ज: तेजा …..
ऊभा ओ वैरागण
ऊभा ओ वैरागण, दादोसा री पोल ओ वैरागण। कोई लिख यो दादोसा, वैरागण बाई न आगन्याजी राज ।। ध्रुव ।।
आगन्या वैरागण, लिखी ए न जाय, ओ वैरागण।
कोई छाती छलीजे, हिवड़ो होलरै जी राज ।।१।।
छाती दादोसा, काठी कर राख ओ दादोसा।
कोई हिवड़ों छलास्यां महारासा रे, ज्ञान स्यूं जी राज ।।२।।
चालो वैरागण ! कलकते, ले चालां औ वैरागण।
कोई कलकंते रो कपड़ों वैरागण, न मोलवा जी राज ।।३।।
चालो वैरागण! पाली में, ले, चालां ओ वैरागण।
कोई पाली रा पातरा, वैरागण न मोलवां जी राज ।।४।।
MAI
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