Khama Ghani Khama Ghani

खम्मा घणी

आओ पधारो राजकुंवर सा थाकी नजर उताराजी
थाल भरयो मोतीड़ा स्यू मै थाने चंवर ढुलावाजी -2
 खमा घणी, खमा घणी म्हारा रजपूता ने खमा घणी-2 मनड़ा रो मोर बोले सा म्हारा राठोड़ा न खमा घणी 
खमा घणी खमा घणी, म्हारा रजपूता ने खमा घणी -2
थाने अर्पण जीवन म्हारो थापे तनमन भी वारा जी-2 थाकी जैकार सदा होवे, था पर हर बाजी हारा जी-2 खम्मा घणी खम्मा घणी ,नैणा में कम्‌ल सी कोमलता, हंस हार थाके हिवड़े चमके-2 
लागे कर्ण फूल घणो प्यारो, रखड़ी में मोतीड़ा दमके

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