Bhasha, Vani
बाग बिगाड़े बान्दरो ,जीभड़ल्या विष होय । बोलण हूं ही ठा पड़े कागो कोयल दोय।।
बाग बिगाड़े बान्दरो ,जीभड़ल्या विष होय । बोलण हूं ही ठा पड़े कागो कोयल दोय।।
तारा री चुंदरी / राजस्थानी बई-सा रा बीरा, जयपुर जाजो जी आता तो लाइ जो, तारा री चुंदरी… सुन्दर गौरी कुणसा र देखी हो कुणासा लाया तारा री चुनड़ी बाईसा रा बीरा भाभी सा रे देखी हो जेठसा लाया तारा री चुनड़ी सुन्दर गौरी, पोत बतावो जी कसिक ल्यावा, तारा री चुंदरी… बई-सा रा बीरा,
एक बार आओजी जवाईजी पावणा / राजस्थानी एक बार आओजी जवाईजी पावणा थाने सासूजी बुलावे घर आज जवाई लाड्कना सासूजी ने मालुम होवे म्हारे भाई आज होयो म्हारे घरे से मौक्ळो काम सासूजी मने माफ़ करो… एक बार आओजी जवाईजी पावणा… थाने सुसराजी बुलावे घर आज जवाई लाड्कना सुसराजी ने मालूम होवे बाप म्हारो
चम चम चमके चुन्दडी / राजस्थानी चम चम चमके चुन्दडी बिण्जारा रे कोई थोडो सो म्हारे सामे झांक रे बिण्जारा रे चम चम चमके चुन्दडी बिण्जारा रे चम चम चमके चुन्दडी बिण्जारा रे कोई थोडो सो म्हारे सामे झांक रे बिण्जारा रे कोई थोडो सो म्हारे सामे झांक रे बिण्जारा रे म्हारी तो रंग
घुमेरदार लंजो / राजस्थानी GHUMERDAAR LANJO बादिला लेता आइजो जी घुमेरदार लंजो आलीजा लेता आइजो जी घुमेरदार लंजो घुमेरदार लंजो… अन्दाता लेता आइजो जी घुमेरदार लंजो म्हारे माथा ने मैमद लाइजो और रखडी रतन जड़ाई जो… बादिला लेता आइजो जी घुमेरदार लंजो आलीजा लेता आइजो जी घुमेरदार लंजो घुमेरदार लंजो… अन्दाता लेता आइजो जी घुमेरदार
जय जय राजस्थान / राजस्थानी गोरे धोरां री धरती रो पिचरंग पाणा री धरती रो , पीतल पातल री धरती रो, मीरा करमा री धरती रो कितरो कितरो रे करां म्हें बखाण, कण कण सूं गूंजे, जय जय राजस्थान … धर कुंचा भई धर मंजलां धर कुंचा भई धर मंजलां धर मंजलां भई धर मंजलां
इतळ पीतळ रो भर लाई बेवड़ो रे झांझरिया मारा छैल कोई कांख मेला टाबरिया री आन मैं जाऊं रे जाऊं रे पीहरिये सासू बोले छे म्हाने बोलणा रे झांझरिया मारा छैल कोई बाईसा देवे रे म्हाने गाल मैं जाऊं रे जाऊं रे पीहरिये आया बीरो सा म्हाने लेवा ने रे झांझरिया मारा छैल ज्यारी
नखरालो देवरियो नखरालो देवरियो भाभी पर जादू करग्यो कामणगारो देवरियो भाभी र चित चढ़ग्यो -२ रंग रंगीलो छैल छबीलो देवरियो है म्हारो मिठो मिठो मूलकण लागे बोलै प्यारो प्यारो, मतवालों देवरियो भाभी पर जादू करग्यो चंदा म से चिरेडी तेर ल्याऊंगी देराणी थे हो म्हारा प्यारा देवर बा म्हारी देवरानी, जादू गारो देवरियो भाभी र
पिया आओ तो , बाटड़ल्या थारी जोवती म्हारी आंखड़ल्या दिनरात i आओ म्हारा साईबा तो कोई करल्या मनडे री बात ii पिया आओ तो ,हो जी पिया आओ तो मनडे री बात करलया पिया आओ तो था की बातड़ल्या म आज पूरी रात करल्या -२ पिया आओ तो आज्या रे आज्या रे मतवाला ढोला आया
गोरडी कर सोलहा सिंणगार गोरडी कर सोलहा सिंणगार चाली पाणी न पणिहार, पाणी न पणिहार, चाली पाणी न पणिहार , गोरडी कर सोलह सिंगार चाली पाणी न पणिहार——– खाली बैठ बेमाता रूपा दे उणिहार , नेण नखत का तीखा जाणे बिजली के पल्कारे , ले चंदा स्यु रूप उधार ,चाली पाणी न पणिहार बूँटया वाली