(लय -अपने पिया की मैं तो बनी रे दुल्हनिया)
मोरखाना रा माजिसा
अरजी थे म्हारी सुणल्यो, मोरखाना रा माजीसा आओ पधारो म्हारे आंगणिये, हो म्हारे आंगणिये ।। टेर।।
म्हारा मोरखाना रा.
आशा रो विश्वास लिया, बाँट थारी जोवा हां माजीसा तो आसी रे आसी, करता दिन खोवां हां। हो मैय्या रात्याँ बीताऊँ, करके जागणियां,
म्हारा मोरखानारा..
दिन बित्या रातां बीती, माजीसा ने टेरता, वर्षा रा वर्षे बीत्या, माला थारी फैरता । हो मैय्या हाथां री दुखण, लागी आंगलिया,
म्हारा मोरखाना रा
सारंगी शरीर बणियों, मन एक तारो है, दोन्यूं ही साजा रो मैय्या, ओ ही एक नारो है। हो मैय्या थे हो म्हारे मनड़े, री माला मिणियां,
म्हारा मोरखाना रा..
प्रेम री पुकार सुण, माजीसा, तो आया है, भक्त थारा दर्शन करीयां, अति सुख पाया है। हो मैय्या, चरणां रा चाकर, थारा भक्त बणिया।
म्हारामोरखाना रा….मोरखाना रा माजीसा ने घणी धणी खम्मा जी, चाकरी तो म्हानै दीज्यो, बाकी राखो जमा जी। हो मैय्या, थे हौ देवणियाँ, में तो लेवणियाँ,