थोड़ी देर और माँ ठहर ज्यावो जी
तर्ज : एक परदेशी
थोड़ी देर और माँ ठहर ज्यावो जी, टाबरियां स्यूं बातां थोड़ी कर ज्यावो जी।।
आप रै पधारयां म्हारो आँगणो है चमक्यो, भाग्य रो भानूड़ो म्हारो जोरदार दमक्यो, आयोड़ा सिरावण थोड़ो कर ज्यावो जी ।। 1 ।।
जाणै री ऊंतावल मैय्या आज क्यूं करो हो, भगतां री भीड़ देख आप क्यूं डरो हो, सगलां रा काम सिद्ध कर ज्यावो जी ।। 2 ।।
थे हो दयावान मैय्या दया बरसाओ, उलझयोड़ी डोर नै माँ थे ही सुलझावो, भगतां री चिंता सारी चर ज्यावो जी ।। 3 ।।
जब तक मैय्या म्हारे तन में हैं शक्ति, “भक्त” करै मां सच्ची भावना स्यूं भक्ति, “भक्ता” रे माथे हाथ धर ज्यावो जी ।। 4 ।।