Kumkum Bhariyo Chopro,

(लय – उमराव)

कुमकुम भरियो चौपड़ो मोतिया भरियो थाल 2
बीराजी ,भात भरण न बेगा आइजो ,म्हारा राज-2
 म्हारा राज जी ओजी म्हारा राज-2
टीको काडू चाव से कर सोलहा सिणगार – 2 
बीराजी
 हंस हंस प्यारी बहना को नेग चुका ज्यों म्हारा राज
 म्हारा राज जी हो जी म्हारा राज 2
गाजता बाज़ता आवज्यो मायरो लेकर आज
 म्हारे मायरो नूतण को मन मे हरख समायो म्राहारा राज कुमकुम भरियो चौपड़ो मोतिया भरियो थाल

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