यह विवाह गीत है जो शादी, मांगलिक कार्यक्रमों और पारिवारिक उत्सवों में गाया जा सकता है। A traditional wedding song for marriage ceremonies and family celebrations.
(लय-नखरालो देवरियो)
फागग्ण में छायी बहार रंगीली ऋतुआई है होली री मची रे धमाल धरा सरसाई है
मदरी -2 हवा बसन्ती लहर -2.लहरावे हो
मोर पपीहा पिहू-२ कर मीठा बोल सुणावे हो
कोयल री सुरीली तान मुरलिया बजाई है
शुक्ल पक्षरो चाँद सजीलो दिनपर दिन इतरावै हो
मस्त चांदनी नर्तन करती प्रेम को रस बरसावें हो
पूनम की सुहानी रात सगला र म न भाई है
सजन हाथ में लेकर नाचे रंग रंगीला चंग हो
चुनरी में सजनी शरमावे मन में भरी उमंग हो मिलजुल के मनावां त्यौहार मिलन ऋतु आई है