(लय : मोरियो आच्छो बोल्यो-३)
प्रभुजी म्हांने ले चालो, थारां देश में,
प्रभुजी थांर देशा में, सुख दुःख ना मिले-३ ओ तो जन्म मरण मिट जाय, प्रभुजी म्हांने… स्थायी
अन्तरा
प्रभुजी लाख चौरासी, भटक्यो ना मिले-२ पायो मिनख जमारो म्हे तो आज, प्रभुजी…. म्हांने… ॥१ ॥
प्रभुजी निरख्यो ओ मुखड़ो, पूनम चाँद सो-२ थाँरी आवे म्हांन ओल्यू घणी आज, प्रभुजी… म्हांने… ॥२॥
प्रभुजीलाखां जीवां ने, ताऱ्या सांभलो-२ म्हे तो लूल लूल लागुं थारे पाय, प्रभुजी… म्हांने… ॥३ ॥
प्रभुजी ‘भक्त मंडल’ री, अरजी मानलो-२ थारे चरणां में रेवं हरदम साथ, प्रभुजी… म्हांने… ॥४॥