कोर काजल रि-२ कौर् बण जाओ ,मैं नैणा रमाय राखूली-२
थे तो मोतिया रो हार बण जाओ मैं हिवडे लगाए राखुली कोर काजल री कोर —-+
प्रीत रंग री ओढ चुनरी-२ पिया मिलन ने जाऊं-२
चुड लो खनके, बिंदिया चमके ,साजन क मन भावु, थे नथली रा मोती हो नैना री ज्योति,-२
थेतो हीरा नगीना बन जाओ मैं चुडल जड्डाय राखूली ,कोर काजल री कोर —-
झिणी झिणी रात रंगीली -२इमरत रस बरसाव-२
पगल्या री पायलडया मीठा -२गीत प्रीत रा गाव
गीत मिलन रा गाव
थे दीवलो मैं बाती, हां जन्मा था साथी ,
थे तो मीठी मुरलीया बजाओ मैं होंठा लगाय राखुली