मोत्यां लामक भूमको
मोत्यां लामक झुमको( नाम)री पोल बंधावोजी
कोई बारे बनड़ो लाडलो बीन नानकड़ो परणाओ जी
म्हार वीरतल बधावणा नगरी में बाजा बाज्या जी
म्हारो हरख्यो बनड़ो परणीज,
कोडीलो राइबर परणीज शहर में बाजा बाज्या जी
ओरा मायली ओरड़ी आ बाम पड़ी कतरनी जी ।
कोई थारी … गोरड़ी बा म्हा सूं कर कुचरनी जी … म्हारो हरख्यो
२) चावल रांधु धोय धोय, दाल रेगी काची जी,
आ थारी … गोरड़ी आ नील घर की बच्ची जी म्हारो हरख्यो
३) ओरा मायली ओरड़ी आ बाम पड़ी यो डांड जी
कोई थारी … गोरडी आ थांर उपर सांड जी … म्हारो हरख्यो
४) राई राई रायतो जीर रो बंगार जी,
आ थांरी … गोरड़ी थार हिवड़ रो आधारजी … म्हारो हरख्यो
५) ठीगणां म ठींगणी आ थारी … नार जी ।
कोई धोबी क म्हारी मोगरी बा पड़ी गुलेटा खाय जी … म्हारो हरख्यो
६) डीगां मायली डीगली आं थारी … नार जी ।
कोई सोले हाथ पछेवड़ी बा ढ़गर उघाड़या जाय जी म्हारो हरख्यो
७) ओर मायली ओरड़ी कोई बीम पड़ी कड़ाई जी
आ थारी … गोरड़ी बा म्हासु कर लड़ाई जी … म्हारो हरख्यो
८) ओरा मांयली ओरड़ी, कोई बीम पड़ीयो खंम्भोजी
आ थारी … गोरडी कोई रेलगाड़ी को ड़ब्बो जी … म्हारो हरख्यो
९। कोई हथेल्यां गुड़ गालीयो, नौ मण कर्यो कसार जी
कोई बाइजी बीर जीमाइया, नणदोइजी रुस्या जाय जी
कोई थे क्यूं रुसो साहीबा, थार बाप रो क्या सुण जायजी
कोई ले पंसेरी लार पड़या वे मांऊ माऊं करता जायजी … म्हारो हरख्यो
१०) आगरा स्यूं रेल आई, बीम आयो भंडोजी
कोई थारी गोरड़ी, बा हरीद्वार को पंड़ोजी म्हारो हरख्यो
११) कलकत्ता स्यं रेल आई बीम आयो मास्को जी
कोई थारी गोरडि बीरो कदेइन जाव टसको जी म्हारी हरख्यो ….
१२) कोई चंदा आग चांदणी दिवला आग बातीजी कोई थाकी … गोरड़ी, बा चटाक चांदणी रातजी … म्हारो हरख्यो
१३) म्हार रांधी लापसी, सगां क बणायो खाटो जी कोई थांकी … गोरड़ी बा, पग धोवण को भाटो जी … म्हारो हरख्यो
१४) काला मायली कालची कोई नार जी कोई चौसट दिवला जोवीया, कोई तोई अंधेरी रात जी … म्हारो हरख्यो
१५) कोई ऊंचा घाल बिलोवणा, कोई नीचा नेतर सार जी
कोई थारी … गोरड़ी बा गायां बिचलो सांड जी कोई गांया गांया उछल गई बो पड्यो दडुक सांड जी … म्हारो हरख्यो
१६) चुल्हा लार ऊंदरी बा तड़ाक तड़का मेल जी कोई थारी गोरड़ी बा, बड़ाक बड़का मेलजी … म्हारो हरख्यो …
१७) आ काच की कचकावली आ बिना बजाया बाजजी आ थांरी गोरड़ी बा बीना बजाया बाज जी … म्हारो हरख्यो ….
१८) कोई पीठी केरी कोथली (नाम)जी र छीणग टांगोजी कोई बारी गोरी सांवली बा जब जाग जब मसलजी … म्हारो हरख्यो…
१९) (नाम )गोरी न केव सुणो गुड़ीया की मायजी
कोई केवो तो म्हे जावा दुकाना, नहीं तो बैठा पास जी म्हारो हरख्यो
२०) (नाम )गोरी न केव सुणो लालुरी मायजी कोई फिरतो फिरतो थक गयो, थे गरम पिलावो चायजी म्हारो हरख्यो…