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माथा न मैमद ल्यावो म्हारा राज, रखड़ी घड़ाव म्हारा बीरोजी ।
छानी र ए चूपकी र ए घरकी नार, थारा बीरा जीन जाणा छां ।
जाणा छां रे पीछाणा छां र, परण्या जद रा जाणा छां ।
म्हारी बीरो म्हारो बीरो करती जाय, घर को माल लुटाती जाय ।
तीजोरया सरकाती जाय, नाम बीराजी को करती जाय । पांच को लगाय, पचीस ले जाय, इस्यो मायेरो थांरो बीरो भरजाय । काना न कुण्डल ल्यावो म्हारा राज, झुटणा घड़ाव म्हारा बीराजी । (इस तरह सभी गेणा का नाम लेवणा
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