Swagat Tapsya Ro

स्वागत तपस्या रो

 (लय – होली आई रे….) 
रचयिता – नचिकेता मुनि आदित्य कुमार

स्वागत तपस्या रो, तपसी नै सगला आज बधावै रे तप गुण गरिमा गावे रे, स्वागत….
नाम सुण्या ही छुटे धूजणी, दिन में तारा दिख ज्यावै। सुदृढ़ मानस बलवालो ही, तप मे स्वागत.
काटै तपसी अनगिन पातक, अभय जन चार कषायां री कारा, कमज स्वागत….
बड़भागी बै बायां भाया, जो तप रा मोदक खावै। देव देवियां भी तरसे, यदि नर भव मिल ज्यावै ।। स्वागत….
मुनिवर स्यूं कर प्राप्त प्रेरणा, तप रो रंग लगायो रे। बण्या तपस्वी तपस्या कर, जीवन चमकायो रे।। स्वागत….
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