महामंत्र नवकार
(लय- कैसी वह कोमल काया रे)
भव सागर पार लगाता है, महामंत्र नवकार ।
बिगड़े सब काम बनाता है महामंत्र नवकार ।।
हर पल यह मंगल करता सारी दुविधायें हरता
भय मन से दूर भगाता है, महामंत्र नवकार
यह मंत्र बड़ा उपकारी, पूरी हो इच्छा सारी ।
यह सोये भाग्य जगाता है। महामंत्र नवकार “
जंगल में मंगल करता, जीवन में खुशिया भरता।
भव भव को सफल बनाता है महामंत्र नवकार “
इसमें सब धाम समाये जो मुक्तिनगर ले जाये।
मन में विश्वास जगाता है महामंत्र नवकार ॥
शांति का है यह सागर धोकर मन करो उजागर
ये भक्ति भाव जगाता है ‘महामंत्र नवकार।