Nikasi Ke Geet

निकासी का गीत 1

देखो ए दादाजी रो प्यारो चढ़ रे बछेरी, देखो ए बाबाजी रो प्यारो चढरे बछेरी तो खमा खमा कर चढ़ज्यो राइबर घोड़ी है छीमक्याली राज ।
देखो ए पापाजी रो प्यारो चढ़ रे बछेरी, देखो ए काकाजी रो प्यारो चढ़रे बछेरी तो सांखड़ी गलीयां म राइबर पाग जतन कर राखो राज ।
देखो ए बिराजीरो प्यारो …
(इस प्रकार मामा, फूंफा, जीजा का नाम लेणा)
***
2
घोड़ी करछ आदा जी आदा तो जान चढ़ केशरीया रा दादा लाडला थे चढ़ोनी बछेरी ।
घोड़ी कर छ आबाजी आबा तो जान चड़ केशरीया रा बाबा लाडला थे चढ़ोनी बछेरी ।
चड़ोनी बछेरी लाडा हांको हथेरी तो तेल चढ़ी बनी जोवछ बाटां लाडला थे चढ़ोनी बछेरी ।
(इस प्रकार सभी परीवारका नाम लेणा)
***
3
अब म्हारो राइबर चढ़रे बछेरी तो दाई माई चढ़णन देय ओ ।
म्हे बान रे लाडला उलट नवायो तो ज्यांरो म्हान नेग चुकाय ओ । अपण दाई माई न अगड़ घड़ास्यां तो जद म्हान चढ़बान देय ओ ।
अब म्हारो राइबर चढ़रे बछेरी तो दादी बडीया चढ़ण न देय ओ ।
म्हे यारी रे लाडला थाल बजायो तो ज्यारों म्हान नेग चुकाय ओ ।
अपणी दादी बडीया आग सायधण ल्यास्यां तो बैठयोडा रा पावज चांपओ ।
जब म्हारो राइबर चढ़रे बद्देरी तो माता बारी चढ़बान देय ओ ।
नौ दस मास बना ओदर लोटायो तो ज्यारों म्हान नेग चुकाय ओ ।
अपणी माताजी आग सायधण ल्यावा तो बैठोडान भोजन जीमाय ओ ।
अब म्हारो लाडलो चढ़रे बछेरी तो भुवा बेना चढ़बा न देय ओ ।
म्हे थान रे लाडला गोद खिलायो तो ज्यारो म्हान नेग चुकाय ओ । अपणी भुवा बेना आग सायधण ल्यावां तो बैठोड़ा न सीख दिराय ओ ।
***
४.
केशरीयो लाडो लुल लुल पाछो जी जोव । जाणु म्हारा दादाजी (Nam) जी जान पधार । जाणु म्हारा बाबोजी (Nam)जान पधार । बनड़ो म्हारो लुल लुल पाछो जी झांक । जाणं म्हारा … । (इस प्रकार पुरा परीवार वालों का नाम लेणा।
***
तोरण 1
कांकड़ आयो राइबर थर हर कांप्यो राज । किज्यो सिरदार बनी न कुण थांरो कामण गारो राज । म्हे नहीं जाणा म्हारो गवाल्यो कामण गारो राज । गंवाल्या रो नेग चुकास्यां कामण ढीला छोडो राज । छोड्या नही छुट कामण करड़ा लग्या छ ओ राज । तोरण आयो राइबर थर हर कांप्यो राज । पुछो सिरदार बनी न कुण थारो कामण गारो राज । म्हे नहीं जाणा म्हारो खाती कामण गारो राज । खाती रो नेग चुकास्यां कामण ढीला छोडो राज । माया में आयो राइबर थर हर कांप्यो राज । पुछो सिरदार बनी न कुण थांरो कामण गारो राज । म्हे नहीं जाणा म्हारा भुवा बाई कामण गारा ओ राज । भुवा बाई रो नेग चुकास्या, कामण ढीला छोड़ो ओ राज ।
चंवरी में आयो राइबर थर हर कांप्यो राज ।
पुछो सिरदार बनी न कुण थांरो कामण गारो ओ राज ।
म्हे नहीं जाणा म्हारा जोशी कामण गारो ओ राज । जोशी रो नेग चुकास्या कामण ढीला छोडो ओ राज । छोड्या न छुट कामण करड़ा लग्या छ ओ राज । ***
Toran 2
बना तोरण आय बिराज्यो जी गज कामणीया । खाती को बीन सरायो जी गज कामणीया । बना हालता री चाल बांधु, बोलता री जीभ बांधु, घोड़ी चढ़ीयो बिन्द बांधु, बिनरो बड़ बीर बांधु, बिन्द की भौजाई बान्धु, काका न कीरोड़ बान्धु, मामा न मरोड़ बान्धु, बना बान्धु गोत कडुम्बो जी गज कामणीया । बना मायां आय बिराज्यो जी गज कामणीया । सासु जी बीन सारायोजी गज कामणीया । बना चंवरया आय बिरोजी जी गज कामणीया जोशी जी बीन सरायो जी गज कामणीया । • सगला ही बीन सरायोजी गज कामणीया ।
बना हालता री
(उपर वाले नाम लेना)
Toran 3
सासु नीरख जंवाई ए पछ देली ओलमो,
म्हार राजीन्दरो हेरयो ए में नहीं देऊं ओल्मो ।
म्हारी सरस जंवाई ए हीरा रो पारखो ।
सात सुपारी लाडा सीगोड़ा रो सटको,
काला जानी ल्यायो रे लाडा क्यांरो करसी लटको,
बुढ़ा जानी ल्यायो रे लाडा क्यांरो करसी मटको ।
मोटा जानी ल्यायो रे लाडा क्यां रो करसी झटको ।
होली आइ ए फूलां री झोली भरमटीयो ल,
ओ कुण खेल ए केशरीयो लाड़ो झरमटीयोल,
बनो खेल ए केशरीयो लाडो भरमटीयोल ।
गोर ए गणगौर माता खोल कीवाड़ी बाहर ऊभी चोरी पुजण बाली,
***पुजो ए पुजरायाँ बायां काँई कांई मांगो ।
अन्न मागा धन मांगा लाछ र लीछमी ।
सेडल आई माता देश म ए माय, अटसट गदीया पिलाण मोर माय ।
सेड़ल धोक गोरा बनड़ा री माय, ज्यां पर सेड्ल माता राजी मोर माय ।
हांडी फुटी तेल की फुलेल की आई टकेकी हां,
लाडाकी मा लाडो जायो, किसकी माय पंजेरी खाई, चीमन्या रोया चाय मांय चप ।
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