O Sanchal Sachhiya Ma,

ओ साँचल संच्चिया माँ
तर्ज : मेरे गीत अमर कर दो.
ओ साँचल संच्चिया माँ, मुझे ऐसी शक्ति दो। करूँ सेवा मैं हर पल, मुझे ऐसी भक्ति दो।।
ओसिया नगरी में माँ, मंदिर है बड़ा भारी, मूरत तुम्हारी माँ, लगती मन को प्यारी।
पाकर दर्शन माँ के, (2) जीवन को सफल कर दो।।
तेरे मन्दिर भवन में माँ, सब भक्त यहाँ आतें, चेत और आसोज को माँ, हम भजन यहाँ गाते। भजनों में आकर माँ,
(2) हम सब पर दया कर दो।।
“भक्त” तेरे चरणों में, नित शीश नवाता है। अपनी भक्ति लेकर, तेरे दर पर आता है। अब रखकर सर पे हाथ,
(2) मेरी नैय्या पार करो।।

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