।। श्री दुर्गा वन्दना ।।
(लय- थानै काजलियो बणाल्यू)
थानै पलकां में छिपाल्या, थानै हिवड़े में बसाल्यां
माँ, म्हारे से दूर कैया रहोल्या, थारै चरणां म चित्त ल्यावा, थारै भजनां रम जावा माँ, म्हारै से दूर कैया रहोल्या ।। टेर ।।
थारै पगल्यां री पायल बण जावलां,
बन कर नारियल भेंट चढ़ जावला,
थारै भक्तां सू दूर दूर कैंया जावोला
ओ मैया कैया जावोला, थारी रोली म्हें बण जावां,
थारी मोली में गुथ जावां मं-म्हारै से…
थारे मन्दरियै री ज्योड़ी बण जावला, थारे भक्ता रे पंगा की धूल पावलां, थारै चरणां सू दूर मैया कैया राखोला, मैया कैया राखोला, थारी मेंहदी बण जावा, थारे हाथां में रच जावां माँ, म्हारै से…
थारै चुड़ा री लाख बण जावलां, थारी चुनड़ी मं तारा पण जावलां, म्हानै हिवड़े से दूर मैया कैया राखोला, जी मैया कैया राखोला, थारो काजलियो बण जावां, थारै नैणा मं छिप जावां माँ, म्हारै से…