नथली
हस्ती जी बना चे भल ल्याय, घुड़ला जी बना थे भल ल्याय हंस्त्यां र हलक पधारज्यो जी राज
आगां जाज्यो बागां जाज्यो, जाज्यो समदां पार
नथ जोगा मोती लाज्यो, लालां लाज्यो चार
अमराव बना, सिरदार बना मुखड़े रो मांडण नथ लाज्यो जी
आगां गया बागां गया, गया समदां पार
नथ जोगा मोती ल्याया लालां ल्याया चार – अमराव बना चालो ओ बाई जी आपा नथ ढुंढण चाल
नथ री ढुंढाई थान लाडु देस्यां चार अमराव बना आगां ढुंढी बागां ढुंढी, ढुंढी महला माय
नथली नखराली लादी पटां र माय
अमराव बना
काँई बोलो बाई जी थे बडा बडा बोल,
थां रा बीरोजी म्हारी नथली रा चोर अमराव बनाकाँई बोलो भाभी रानी बडा बडा बोल
• म्हारा बीरो जी थाँन ल्याया छ मोल अमराव बना
आगरे रो घाघरो, मुलतान गंजरी छींट पाली वालो पोमचो ओ लाग्यो ठीकां ठीक – अमराव बना
फाट गयो घाघरो बिखर गई छींट
देखो ओ सासूजी थार जाया री परीत अमराव बना
-काँई बोलो बहुरानी बडा बडा बोल
म्हारो जायाडो थान ल्याया छ मोल अमराव बना
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