यह विवाह गीत है जो शादी, मांगलिक कार्यक्रमों और पारिवारिक उत्सवों में गाया जा सकता है। A traditional wedding song for marriage ceremonies and family celebrations.
तर्ज (Tune): कोठे ऊपर कोठड़ी
भजन के बोल / Lyrics
मैं हूँ बन्नी पढ़ी-लिखी जादू मै सबपे चला दूंगी,
घर अपने तू ले चल बन्ना खाना सबका पका दूंगी
सुसरा जी के अलग है ठाठ उनके लिए में बनाऊ चाट सासू जी का जी ललचाए तो थोडा उन्हें भी खिला दूंगी मैं हूँ बन्नी पढ़ी-लिखी जादू में सबपे चला दूंगी
जेठ जी का अलग है जलवा, उनके लिए बनाऊ हलवा जेठानी का जी ललचाए तो थोडा उन्हें भी खिला दूंगी मैं हूँ बन्नी पढ़ी-लिखी जादू में सबपे चला दूंगी
देवर जैसा कोई ना दूजा, उनके लिए बनाऊ पिज़्ज़ा देवरानी का जी ललचाए तो थोडा उन्हें भी खिला दूंगी मैं हूँ बन्नी पढ़ी-लिखी जादू में सबपे चला दूंगी