जय देव जयदेव
1,सुख करता दुख हर्ता, वार्ता विध्नाची
नूवी पूर्वी प्रेम कृपा जयाची
सर्वांगी सुन्दर उटी शेंदू राची
कंठी झलके माल मुक्ता फलाची
जय देव जयदेव जय मंगलमूर्ति दर्शनमात्रे मनकामना पूर्ति, जय देव जय देव
2,रत्नखचित फरा तुझ गौरी कुमरा,
चंदनाची ऊटी कुमकुम केसरा
हीरे जडित मुकुट शोभतो बरा
रूँझूंती नूपुरे चरनी घाघरिया, जय देव जय देव
3,लम्बोदर पीताम्बर फनिवर वंदना,
सरल सोंड वक्रतुंडा जिनयना दास
रामाचा वाट पाहे सदना, संकटी पावावे निर्वाणी रक्षावे सुखर वंदना, जय देव जय देव
4,शेंदूर लाल चढ़ायो अच्छा गजमुख को
दोन्दिल लाल बिराजे सूत् गौरिहरको
हाथ लिये लडडूसाई सुरवर को,
महिमा कहे ना जाय लागत हूँ पदको ,जय-5, जयजय जी गणराज विद्या सुखदाता
धन्य तुम्हारो दर्शन मेरा मन रमता, जयदेव
अष्ट सिद्धिदासी संकट कोबेरी,
5,विघ्न विनाशन मंगल मूरत, अधिकारी
कोटि सूरज प्रकाश ऐसेछवि तेरी,
गंडस्थल मझस्तक झूल शशि बहरी
जय-5 जय जय श्री गण राज विद्या सुखदाता
6,भावभगत से कोई शरणागत आवे,
संतति संपति सबही भरपूर पावे
ऐसे तुम महाराज मोको अतिभावे, गोसावीनंदन निशदिन गुण गावे
जय जय जी गणराज विद्या सुखदाता, धन्य तुम्हारो दर्शन मेरा,मन रमता, जयदेव जयदेव