तेरस की है रात, बाबा आज थाने आणो है-2
ओ कोल निभाणो है, तेरस री है रात
बल्लू कुल रो लाल-2 माता दीपारो दुलारोहै-
हो हार हिया रो हैं, तेरस री है रात
घर-2 थे भटक्या हाँ, जग्या नहीं मिली शमशान में वास कियो – २
अंधेरी ओरी में चांदणियो कर दिन्यो यक्ष नै मात कियो
ज्ञान रा दिया-2 चसग्या होग्यो वारो न्यारो है मै तेरापन्थ सिरधारयो है
अंत समय में थे सिरियारी में आया
अनशन धारलियो- 2
वॼआसन मुद्रा में बैठया हा एकासन, भवजल तार लियो
सिरियारी रो आज-२, देखो अजब नजारो है, म्हाने थारो ही सहारों है