नानी बाई को मायरो
भरदे मायरो सांवरिया नानीबाई कोभरदे मायरो -४
और तो सगाई ने सांवरा महल मालिया -२
कोई नरसी भगत ने टूटेडी छपडी, भरदे,मायरो –२
और तो सगा ने सांवरा हिंगलू ढोलिया,-२
कोई नरसी भगत ने टूटेडी मचली, भर दे मायरो -२
करमा कांई काकी लाग-२ रूचि रूचि भोग लगायो सांवरा -२ भरदे मायरो ——-
अर्ज सुणी जद आयो सांवरो -२
गाड़ा भर भर ल्यायो मायरो,भरियो मायरो सांवरिया नानीबाई भरदियो मायरो ——–