जपल्यो रे भाई नवकार
जपल्यो रे भाई नवकार, इससे दुःखड़ा मिटता है।
मंत्र बड़ा नवकार, लख चौरासी कटता है।
बोलो, णमो अरहंताणं, णमो श्री सिद्धाणं, णमो आयरियाणं, णमो उवज्झायाणं, णमो लोए सव्व साहूणं ॥ ध्रुव ॥
१. पांच पदों की यह, अद्भुत माला है।
पीलो रे भाई, अमृत का प्याला है।
मोक्ष का रास्ता, बड़ा आसान मिलता है।
२. इस धन का मालिक है, सबसे बड़ा धनवान ।
सेठ सुदर्शन है, इसका एक प्रमाण। मंत्र के बल से,
शूली सिंहासन बनता है।
३. जादु नहीं, टोना यह महामंत्र है।
काया शुद्ध हो जाये, ये कितना पवित्र है।
भक्त मंडल कहता, जो कोई शुद्ध मन रटता है ॥