(लय- आने से जिसके आये बहार -)
हाथों में लेके फूलो का हार ,
मानस में उमड़ी खुशिया अपार
श्रीमन हम आये स्वागत के लिये 2
झूमता ये उपवन, देखो महकी है हर एक डाली -2
मिल रहे। सुमन मन, देखो छायी है खुशिया निराली है, तन पुलकित,मन पुलकित है। आशा लाये है
स्वागत के लिये ,हाथो मैलेके फूलो का हार
कूक रही है कोयल, मीठी धुन् ये सभी को सुनाये
छोड़ के तराना ये सब के दिलों को सुहाये
दिल हर्षे, स्नेह बरसे,भावों की भेंट लायेहै स्वागत केलिये,
हाथो मैलेके फूलो का हार