१.
गवरी पूछ सुणो ओ बिनायक, इण नगरी को राजा किस विध परणीज जी मोड़ केरो मांडण बिनायक, पड़सड़ल रो आवण बिनायक, बाजोट्यां रो बेसण बिनायक, पिठड़ल्यां रो मसलन बिनायक छाछड्ल्यां रो न्हावण विनायक, दूधड़ल्यां रो पिवण बिनायक मोतीड़ा रा आंखा ओ बिनायक, सूपारी रा सांचा ओ विनायक नारेला रा लिगन विनायक, कुमाऱ्यां रा कलश बिनायक लापसड्यां रो भोजन बिनायक, कशुम्बेरो ओढ़ण बिनायक कुकु के रो चरचण बिनायक, इण नगरी रेको राजा ओ इस विध परणीजजी गवरी पूछ सुनो ओ बिनायक, शीवरतनजी रो राजेश बाबु किस विध परणीजजी (वापस ऊपर वाला सभी नाम बीन के लिए लेना)
रे
***
२.
उठो म्हारा बालक बनड़ा करोनी दांतणियो, केलूरो दांतन बनड़ा लूंगां रा कुरला इसड़ो दांतणीयो थांरो नाइको कराव, नाइको कराव रायजाद र मन भाव उठो म्हारा बडपरवारा करोनी कलेवी, लाडु तो पेड़ारे, बनड़ा सरस जलेबी इसड़ो कलेवो थांरा दादीजी कराव, दादीजी कराव रायजाद र मन भाव उठो म्हारा बालक बनड़ा करोनी भोजनियो, फीणो तो बाट्यो रे बनड़ा लूणीरो लपको इसड़ो भोजनीयो थांरा माऊजी कराव, माऊजी करावरे बनड़ा बनड़रे मन भाव
उडठो म्हारा घण परबारा करोनी लोचनीयो, लंग सुपारी रे बनड़ा पानां रा बिड़ला इसड़ो लोचनीयो थांरी भोजायां कराव, भोजायां कराव म्हार बनड़े रे मन भाव उठो म्हारा बालक बनड़ा करोनी पोढ़णिया, हिंगल तो ढ़ोल्यो रे बनड़ा सिरख पथरना । इसड़ो पोढ़णियो थांरी बनड़ी कराव, बनड़ी कराव रायजाद र मन भाव । ***
३.
सूरज भगवान का गीत
उग्यो उग्यो काई करो सहेल्यो ए, उग्या बाबा काशबसा रा जोध सहेल्यो ए उग्यो राणी रेणादे रा श्याम, ऊगतो उजास भरणी, आंथण को सिन्दूर भरणो, गायांरा गिंवाल छोटा पन्छी रा नारेल लाग्या धरम नेम स्यूं सात सहेल्यों ए और उगन्तो सूरज । धोलो धोलो कांई करो सहेल्यों ए, धोला क्या सुण होय, धोला गऊरा बाछड़ा सहेल्या ए. धोला राणी रेणादेरा दांत, ऊगतो उजास रातो रातो कांई करो सहेल्यो ए, रातो क्यां सूण होय, राती बनरी डोकरी सहेल्यो ए, रातो राणी रेणादेरो चीर, ऊगतो उजास … । पीलो पीलो कांई करो सहेल्यो ए, पीलो क्या सुण होय, पीली पीली पेवटी सहेल्यो ए, पीली चीणारी दाल, उगतो उजास … । कालो कालो काई करो सहेल्यो ए, कालो क्या सूण होय, काला बनरा कागला सहेल्यो ए, काला राणी रेणादे रा केश, ऊगतो उजास हरीयो हरीयो कांई करो सहेल्यो ए, हरीयो क्या सूण होय, हरीया बनरा सुवटा सहेल्यो ए, हरी राणी रेणादेरी कूख, उगतो उजास भरणों, आंथण को सीन्दूर भरणो, गायांरा गीवाल छोड्या पंछीरा नारेल, लाग्या धरम नेमस्यू साथ सहेल्यो ए, और ऊगन्तो सूरज ।
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४. (न्यूतो)
एक सौ पान सुपारी डोढ़से जी थे तो देओ गजानन्द जी घर न्यूतो जी थे तो देवो हनुमान बावा घर न्यूतो, जी थे तो देओ देवी देवता घर न्यूतोबेगा बेगा आइज्यो भारन ल्याइज्या, सरज जी म्हर कुल म ऊगण आइज्यो गजानन्दजी म्हार रिद्ध सिद्ध करबा आइज्यो, देवी देवता म्हार कारज सुधारण आइज्यो आप घोडलडे राण्या है पालकड, जी थारा छोटा मोटा बैठ सिंघासन ।
एक सौ पान सुपारी डोढ़से जी थे तो देवो.
( पूरा परिवार,
का नाम लेणा )
***लिछमी
दौड़ी आव लिछमी ज्यां घर चालां, ज्यां घर हरख वधावणा बेगी आव लिछमी ज्यां घर चालां, ज्यां घर हरख बधावणा म्हार ज्यां घर बडा ए बडाई ए दिजे, देव पितर गुण मानीज म्हार ज्यां घर बवां बेट्यां आदर दिजे, दूणो मान सवासणी । सवासणी घर जाय आपर, कारज सुधार म्हारी कुल बहू
काएरो मांडण हाट सोव, हाट रा हटालीया
असतरी रो मांड़ण पुरुष सोव, पुरुष बांधन पागड़ी पोललीयां रो मांड़ण पूत सोव पूत कुलरो चानणो गाजा तो बाजा धण न घणारे सुवाव, दमको सुवाव जंगी ढ़ोलरो ढोलीड़ा ढोल बजाय ल्याई रे, आज दिन रली आवणो । तूरीड़ा तूरी रे बजाय ल्याई रे, आज पुर म्हारी मन रली ।
म्हान घर तुलछां रो ठाण सुवाव, सेवा सुवाव सालगराम री आंती तो जांती म्हारी नणद सुवाव, नित नणदोई पावणा म्हान धीवड़ल्या रो लाड सुवाव, सरस जंवायां रो देखणो म्हान पुतल्यांरी जोड़ सुवाव, कुल न बवांरो झांझों झूलरो म्हान केशरीया रो राज सुवाव, नित चूड़ो नित चूनड़ी
भांग
सोन रूप रा दोय हलीया मंगावोजी, सायबा भांगड़ली र बवाद्यो म्हारा राजीने भांग पावो जी ।
सूर्य गायां रा दोय बाछा मंगाद्यो जी, सायबा भांगड़ली र बवाद्यो, म्हारा … जल जमना रो सायबा नीर मंगावोजी, सायबा भांगड़ली र सिंचाद्यो, म्हारा सोन रूप रा दोय कसीया मंगावोजी, सायबा भांगड़ली र नीनाणो, म्हारा हरीय बांस रो सायबा छबड़ो मंगावोजी, सायबा भांगड़ली र चूंटावो, म्हारा झाला तो झाला सायबा भांग मंगावोजी, सायबा चान्दण चौक सुखावो, म्हारा मकराणरो घोटो कुण्डी मंगावो जी, सायबा भांगडली र घुटाद्यो, म्हारा लोड़ी बडी रा दोय चीर मंगावोजी, सायबा भांगड़ली र छणाद्यो, म्हारा एक प्यालो सूरज बाबा न पावोजी, एक प्यालो गजानन्दजी न पावोजी बार राण्या र भंवर रसीला म्हारा राजीन भांग पावो जी एक प्यालो हनुमान बाबा न पावो जी, एक प्यालो देवी देवता न पावो जी सगला सेवगां रा कारज सारो म्हारा राजीन भांग पावो जी
(सगला घर वाला का नाम लेणा)
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मेंहदी १
आतो ट्रंक टोड्यारी मेंदी ल्याय, प्रेमरस मेंहदी राचणी ।
आ तो झीण झीण कपड़ छणाय, प्रेमरस मेंहदी राचणी ।
आ तो रतन कचोल मेंहदी घोल, प्रेमरस मेंहदी राचणी ।
मेंदी देवो बहू रेणा दे र हाथ, प्रेमरस मेंदी राचणी
मेंदी देवो बहू रिद्ध सिद्ध देर हाथ, प्रेमरस मेंदी राचणी ।
सूरज जी ओ पूछ गोरी न बात, प्रेमरस …
गजानन्द जी ओ पूछ गोरी न बात, प्रेमरस
कुण माड्या ए सवागण थारा हाथ, प्रेमरस
म्हारा सुधरा बाई मांड्या दोन्यू हाथ, प्रेमरस
थारा हाथ म्हार हिवड़ ऊपर राख, म्हार जिवड़ ऊपर राख, प्रेमरस
भाला लाग ए सवागण थांरा हाथ, प्रेमरस मेंदी राचणी ।
म्हारा बाइसा न अगड़ घड़ाय, प्रेमरस मेदी राचणी ।
जवाया न देवो सिरपाग, प्रेमरस मेदी राचणी ।
(सगले घर वाला का नाम लेणा
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२.
टूकटोड थे जाइज्यो भंवरजी, म्हार तांई मेंदी ल्याज्यो जी ।
मेंदी मांड बराबर बैठ्या मेंदी निरखो जी मेदी राचणी ।
मेंदी राचणी सासुजी रा जाया, लेता आज्यो जी मेंदी राचणी ।
जयपुरीय थे जाइज्यो भंवरजी, म्हार तांई चूनड़ ल्याज़्यो जी ।
चूनड़ ओढ़ बराबर बैठ्या चूनड़ नीरखो जी मेंदी राचणी । विकाण थे जाइजो भंवरजी, म्हार ताईं चूड़लो ल्याज्यो जी । चूड़लो पेर बराबर बैठ्या, चूड़लो निरखो जी मेंदी राचणी सोनी जी क जाइज्यो भंवरजी, म्हार ताई पायल ल्याज्यो जी । पायल पैर बराबर बैठ्या, पायल निरखो जी मेंदी राचणी । कलकत्ता थे जाइजो भंवरजी म्हार तांई टीको ल्याज्यो जी
टीको पैर बराबर बैठ्या, टीको निरखो जी मेंदी राचणी ।
कोटा बूंदी जाइजो भंवरजी, म्हार ताई पीलो ल्याइज्यो जी ।
पीलो ओढ़ बराबर बैठ्या, पीलो निरखो जी मेंदी राचणी ।
मेंदी राचणी बाईसारा बिरा लेता आज्यो जी मेंदी राचणी ।
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