Jawaiji Geet

यह सरस गीत संग्रह का एक भजन है — पारंपरिक भक्ति की धरोहर। A devotional song from the Saras Geet collection.

1

एक बार आओ जी जंवाईजी पावणा थान सासुजी बुलावा घर आय, जंवाई लाड़ करा सासुजी न मालुम होवै म्हार भाई आज हूयो
म्हार घरा है जापा को काम सासुजी म्हान माफ करो
 एक बार आओजी जंवाई जी पावणा थान सुसरो जी बुलाव घर आय, जंवाई लाड़ करां सुसरोजी न मालुम होवै म्हारो बापु शहर गयो लार छोड्यो है मोकलो काम, सुसरो जी म्हान माफ करो।
एक बार आओजी जंवाई जी पावणा
 थान सालाजी बुलाव घर आय, जंवाई लाड करां सालाजी न मालुम होवै थांको भी ख्याल है 
थाको आगली बसन्त करस्या व्याव सालाजी म्हान माफ करो
एक बार आओजी जंवाई जी पावणा थान लाडीजी बुलावै घर आय जंवाई लाड करा 
लाडीजी बुलावै है तो लाडो जी भी आवै है, म्हे तो जाऊला सासरीय दौड़ साथीड़ा म्हान माफ करो । ***
2

तर्ज (Tune): – आवोजी आवो म्हार हिवड़ रा पावण …

भजन के बोल / Lyrics

आवोजी आवो थे जंवाई जी पावणा,
 म्हार घर ब्याव थान आयां सरसी, 
आवोजी आवो थे जंवाई जी पावणा 
थान पीठणो सुणाव थांरी छोटी साली 
जीजा मतना थे समझो म्हे थांरी घर वाली 
म्हारी आ बात थार मन भाई जी … म्हार घर जंवाई जी थारी नाक जाण निम्बू रस की फांक 
थार मुंड पर जवाई जी म्हे बन्दर देस्यां टांक
 माथ रा केश चांरा लेस्या म्हे पाड़ जी… म्हारा घर 
थान पान में म्हें नमक मिलाद्या रसगुल्ल में जीरो 
थारो इस्यो फोटु उतारां थे तो कदेइ न बणस्यो हिरो 
थांरो उतारद्यां म्हें भूत जंवाई जी …
 म्हार घर आवोजी आवो ये जंवाई जी पावणा….
***

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top