(लय : म्हाने रमता न काजन टीकी लाद्यो. (मारवाड़ी)
म्हारे आंगण आया, मत जावो महावीर, आंसूड़ा ढलकावे, म्हारी आंखड़ली-२-:
१. चम्पा लुट गयी मैं बिक्योड़ी, पग बन्धन बन्धियोड़ा,
म्हारी कौन सुणेला, दुनिया मांय महावीर ॥ आंसूड़ा… ॥२. मात पिता सब सखियां छूटी छुट्यो सब परिवार,
थे तो दुखिया ने मत, ठुकरावो महावीर ॥आंसूड़ा… ॥३. आप पधारया मनड़ो हरख्यो, पण कांई पड़ गई चूक, म्हारे पगल्या करता ही, पाछा फिरया महावीर ,आंसूड़ा… ॥४. उड़द बाकला देख आप क्यों, पाछा फिर गया नाथ, मैं तो दुखियारी और कांई, ल्याऊँ महावीर ॥ आंसूड़ा… ॥५. थां बिन दुखियां री सुणवाई, कौन करेला नाथ। मैं तो पलका स्यूं पूजूं, भगवान महावीर ॥ आंसूड़ा… ॥६. जोधाणा में कियो चौमासो, कुमुदमुनि गुण गांवे, सती चन्दना रा कारज, थे तो सारया महावीर ॥ आसूडा… ॥