पपईयो बोल्यौ जी
छैल बागा म आइजोजी, भंवर बागा म आईजोजी
बागा म फिरू अकेली पपीहो बोल्योजी
बाईली किण विध आवाजी,
सुंदर गौरीकिण विध आवाजी
म्हारी परणी नार अकेली, पपइयो बोल्यौ जी
छैल थारी परणी मरीजो जी म्हारो नाजुक जीव घबरावें
पपीतों बोल्यौ जी
भाईली थे ही मरजो जी, सुन्दर.गौरी थे ही मरजो जी
म्हारी परणी पूत खिलावें ,पपीतों बोल्यौ जी
म्हारी परणी वश बनवे पपड्य श्री म्हारी करनी पूत खिलान्या