तपस्या की ये बहार, देखो केसी छाई है,
अट्ठाई की आज, इनको बधाई है
शासन माता आती है, भाव जगाती है,
तपसन को आज मां, शक्ति दे जाती है।
शासन माता को जो ध्यावे मन वांछित फल वो ही पावै)-2
रूप अनुपम तेज निराला, मन को मेरे हरने वाला
शासन माता आती है-
2. धन्य है मात पिता तुम्हारे -शुभदिन आया जिनके द्वारे,-2 शासन माता की महिमान्याहरी पूर्ण हुई तपस्या तुम्हारी शासन माता आती है.
3. आओ सब मिल मंगल गायें, भव सिंधु को हमतिर जाये -2
अगले साल हो कृपा तुम्हारी मासखमण की होतेयारी,
शासन माता आती है