(लय – भोलानाथ अमली, ओ शिव शंकर अमली)
ओ म्हारा जामन जाया वीर, म्हारा मां का जाया वीर- २
तारा जड़ी चुनडी ओढ़ावे म्हारो बीर,
चुनडी तो ओढ मैं गई सासूजी के पास -२
सासूजी तो यू उठ बोल्या,सूरज उगियो आज, म्हारा जामण जाया वीर म्हारा – –
तारा जड़ी चुनडी ओढ़ावे म्हारो बीर
चुनडी तो ओढ मैं गई जिठानी रे पास – २
जिठानि तो यू उठ बोल्या बिजली चमके आज–
चुनडी तो ओढ मैं गई देवरानी के पास – २
देवरानी तो यू उठ बोल्या घूंघट में उगियो चांद —
चुनडी तो ओढ में गई सहेलियां र पास -२
सहेलियां तो हंस कर बोली तारा उगइया आज–
चुनडी तो ओढमैं गई पिया जी के पास – २
पिया जी तो यू उठ बोल्या खिल गयो फूल गुलाब–म्हारा जामण जाया वीर–