(लय- धीरे धीरे बोल कोई सुन ना ले)
स्वागत गीतिका
वेलकम वेलकम वेलकम स्वागतम् है स्वागतम् भक्तों के सतीवर स्वागतम झूमे गायें हम सतीवरम् वेलकम
(3) स्वागत
हम पर बनकर महरबान, गुरुराज,-
आप आए सतीवर खुशिया छाई अपार
पुलकित है हर जन–जन देखो आज
स्वागत में है सकल, समाज
पांवों में पलक बिछा रहे,
खुशियां हम आज मना रहे।
वेलकम – (3) स्वागत
लम्बी-लम्बी पद याज्ञा कर आप – 2
आप आंगन खुशिया धाई, अपार
धरती, अम्बर, सूराम सब है साथ
चारों सतीबर ‘को वंदन शत-शत् बार
मंगल गीत हम गा रहे
मन ही मन मुस्कारा रहे।
वेलकम (स्वागत)
३ गौरवशाली धन्य घरा पर नाज-2
प्यारी मुमुक्षु को देते बच्चाई आज
अक्षत, कुमकुम, फुलो का ले हार
श्रुति बहन का स्वागत करते आज
मंगल बेला आई है, मंगल थाल सजाएं है।
वेलकम (3) स्वागत