यह सरस गीत संग्रह का एक भजन है — पारंपरिक भक्ति की धरोहर। A devotional song from the Saras Geet collection.
स्वागत गीत
सतिवर पधारे आई आज मंगल घड़ियां
नूतन बहारे छाई कण-कण में
हर्ष जन जनमे आई आज मंगल घड़ियां
इन्तजार करते करते ये सुखद सुभग पल आये है
दर्शन पाकर आज आपके सबके मन हर्षायें हैं
छाई उमंगे आज हर मन में
हर्षजन जन मेंआई ,आज मंगल घड़ियां
शुभागमन यह मंगल उत्सव नई प्रेरणा लाया है
रजनी बीती सूर्य उदित हो नव प्रभात ले आया है
स्वागत के गीत आज, इक लय में ,आई आज मंगल घड़ियां
करने चातुमीस पधारे अभिनव रौनक छाई है
महाश्रमण गुरुवर ने हम पर वत्सलता बरसाई है
झुक-2 कर वन्दन करते चरणन में ,आईआज मंगल घड़ियां
चातुर्मास सफलतम होगा गुरुवरमहर नजर भारी
नये -2आयोजन होंगे, महके शासन फुलवारी
छाया उल्लास आज कण कण में,आज आई मंगल घड़ियां