Kan Kan Me Vas Hai Jiska

।। श्री श्याम वन्दना ।।

(तर्जः ये बन्धन तो प्यार का ……)
कण कण में वास है जिसका, तिहुलोक में राज है उसका, हारे का साथ निभाये, प्रेमी पर प्रेम लुटाये, 
ऐसा तो हमारा बाबा है, बाबा तो हमारा है ।। टेर ।।
श्याम प्रभू को कोई, अपना बनाकर देखे, 
कितना प्यार लुटाता, प्रेम बढ़ाकर देखे ।
* मीतों का मीत कन्हैया, भक्तों का मान बढैया ।। 
ऐसा तो..
* श्याम प्रभु से कोई, छुपे न हाल हमारे, 
कदम कदम पर देते, (बाबा) सबको श्याम सहारे ।
जब याद करूं आ जाये, कष्टों का दूर भगाये ।। ऐसा तो….
जीवन पथ के कॉटे, बाबा दूर हटायें, 
अपने भगत के खातिर, क्या क्या खेल रचाये ।
दिलदार कन्हैया प्यारा, ये सबसे न्यारा न्यारा ।। 
ऐसा तो….
‘नन्दू’ अपनी बीती, सबको आज बताऊं,
 श्याम प्रभू के दम पर, मै तो बढता जाऊं ।
बिगड़ी श्री श्याम सुधारें, इनसे ही वारे न्यारे ।। ऐसा तो….

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