Tumse Lagi Lagan

श्री चिंतामणी पार्श्वनाथ भगवान की स्तुति

तुम से लागी लग्न, ले लो अपनी शरण, पारस प्यारा।
मेटो-2 जी संकट हमारा।।
निश दिन तुमको जपूं पर से नेहा तंजू। जीवन सारा, तेरे चरणों में बीते हमारा।।
मेटो-2 जी संकट हमारा।।
अश्वसेन के राज दुलारे, वामा देवी के सुत प्राण प्यारे। सब से नेहा तोड़ा, जग से मुँह को मोड़ा, संयम धारा ।।
मेटो-2 जी संकट हमारा।।
इन्द्र और धरणेन्द्र भी आये, देवी पद्मावती, मंगल गाये। आशा पूरो सदा, दुख नहीं पावे कदा, सेवक धारा।।
मेटो-2 जी संकट हमारा।।
जग के दुःख की तो परवाह नहीं है, स्वर्ण-सुख की भी चाह नहीं है।
मेटो जामण मरण, होवे ऐसा यतन, पारस प्यारा ।।
मेटो-2 जी संकट हमारा।।
लाखों बार तुम्हें शीश नवाऊं, जग के नाथ तुम्हे कैपे पाऊँ। “सेवक” व्याकुल भया, दर्शन बिन यह जग लागे खारा ।।
मेटो-2 जी संकट हमारा।।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top