यह सरस गीत संग्रह का एक भजन है — पारंपरिक भक्ति की धरोहर। A devotional song from the Saras Geet collection.
(लय- दिल दिया है जा भी देगे (कर्मा))
हे चिन्तामणी वामानन्दन तुमसे हम विनती करे
तुमसे मांगे ज्ञान प्रभुवर तुमसे हम विनती करे
तुम हो प्रभू घट-2 के वासी तुम बसे हर सांस में
फिर भी हम जान ना पाए हम रहे अज्ञान में
हे करुणामय माफ करदो तुमसे हम विनती करें
दुखियो की बिगड़ी बना दे दीनबंधु हे प्रभु
नागेश्वर सब कष्ट हर लो भव से करदो पार तुम
हे संखेश्वर अब संभालो तुमसे हम विनतीकरे
मित्र मंडल भावना ही तेरे दरश की कर रहा
पार्श्व चरणों में जगह दो याचना ये कर रहा।
हे सहस्र फण जगत पति तुमसे हम विनती करें।