पूरब कीनौकरी जी
पूरब की नौकरी जी मेरो परदेसी घर आये -२
धायी थारी नौकरी जी मेरो घणो ही कमाऊ घर आये -२
पूरब की नौकरी जी —-
चांदा थारे चाँदने जी कोई छत पर घाली खाट -२
गया न राजन बावडयो जि कोई रातू जोई बाट
पूरब की नौकरी जी——–
मेँ म्हारी माँ क लाड़ली जी कोई मोत्या बिचली लाल,
सासु क अनखावनि जी मेरे राजी न आगे लाय
पूरब ——
सासू को सिर गूंथती जी साहिबा नौ नौ बंट लगाय
हाथ जोड़ विनती करू जी थारो बेटो दियो जी बुलाय
पूरब की —–
तेल जले बाती जले जीकोई नाम दिए को होय
गौरी तो बीटा जने जी कोई नाम पीये को होय
पूरब की नौकरी ी——–