घर पधारो जी, विनायक दुन्दाला
shadi- हो म्हारो कारज सारो जी, विनायक दुन्दाला
आंगण म्हारे नौवत बाजे और बाजे शहनाई -२
•१- सब मिल मंगल गीत गुंजाओ, २ द्वारे धूम मचाई-२
म्हार घर पधारोजी विनायक दुन्दयाला- •
नवल बना रो ब्याव रच्यो हे रणत भवर सू पधारो-३
रिद्धीसिद्ध साग आप बिराजो, कारज म्हारो सारो-२
म्हार घर पधारो जी विनायक दुन्दाला
आप विनायक जठे विराजो अन्न धन लक्ष्मी विराजे,
बन्ना बन्नी री जोड़ी सुन्दर, थाने शीश झुकावे,
म्हार घर पधारो जी बिनायक दुंदाला