माता रानी का भजन
(लय- सुनो जी तरकारी री बाता)
कैसे बताऊ सखी तुमको कि मां मेरी दिखती है कैसी, दिखती है कैसी मैया दिखती है कैसी कैसे बताऊँ…
धरती जैसी सहनशीलता, ऊंची है अंबर जैसी
कि मां मेरी दिखती है है कैसी, कैसे बताऊँ….
सूरज जैसा तेज़ समाया, गोरी है चंदा जैसी
कि मां मेरी दिखती है कैसी, कैसे बताऊँ…..
गंगा जैसी है पावन निर्मल, शीतल यमुना जैसी
कि मां मेरी दिखती है कैसी, कैसे बताऊँ….
मर्यादा श्री राम के जैसी, नटखट कान्हा जैसी
कि मां मेरी दिखती है कैसी,
सभी रूप मेरी माँ में समाये, महिमा कही ना जाये
कि मां मेरी माँ मेरी दिखती है कैसी, कैसे बताऊँ….