केशरिया कंवरजी को गीत
अम्बा बाड़ी लगी, छीब न्यारी लगी कंवर आपक दरबार छीब न्यारी लगी
कुण चिणायो थांरो देवरो कंवरजी तो कुण दिरायी गज निंव ओ महाराज….. अम्बा बाडी……
राजाजी चिणायो थांरो देवरो कंवरजी तो सेवकड़ा दिरायी गज निंव ओ महाराज. अम्बा बाडी.
सूरज सामो थांरो देवरो कंवरजी तो ध्वजा रे फरुक असमान ओ महाराज….. अम्बा बाडी.
चढ़न चढ़ाव थार चूरमो कंवरजी तो और चोट्याला नारेल ओ महाराज. अम्बा बाडी.